IGNOU BHDLA 135 JULY ASSIGNMENT 2023 (Solved)

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 प्रश्न 1 : भाषा और लिपि में सम्बन्ध स्पष्ट करते हुए लिपि के महत्त्व पर अपने विचार व्यक्त कीजिये 

भाषा और लिपि दोनों एक दूसरे से गहरी रूप से जुड़े हुए हैं। भाषा मनुष्यों की संचार करने की क्षमता को बताती है, जबकि लिपि उस भाषा को लिखित रूप में व्यक्त करने की क्षमता होती है। यह दोनों एक-दूसरे के बिना पूर्ण नहीं हो सकते। लिपि की महत्त्व की बात करें तो वह भाषा को लिखित रूप में संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लिपि न केवल भाषा को संचार करने के लिए उपयोगी होती है, बल्कि उसे स्थायी रूप से संग्रहीत भी करती है। इससे हम उस भाषा के समग्र इतिहास, संस्कृति और जीवनशैली का अध्ययन कर सकते हैं। अधिकांश देशों में अपनी खुद की लिपि होती है जो उस देश के लोगों के लिए संचार के लिए आसान होती है। लिपि के माध्यम से हम विभिन्न भाषाओं के लेखन को एक साधारण रूप देने में सक्षम होते हैं और इससे भाषा का संचार बहुत आसान होता है। लिपि लोगों को उनकी भाषा को संज्ञान में रखने और संचार करने में मदद करती है।

प्रश्न 2: वर्तनी के नियमों का उदाहरण सहित वर्णन कीजिये?

वर्तनी के नियम एक भाषा में शब्दों के वर्तन के नियम होते हैं जो उस भाषा के संरचना और उच्चारण को स्पष्ट और सही बनाते हैं। कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं:

  1. वर्ण और वर्णमाला का सही उच्चारण: हर भाषा में वर्ण और वर्णमाला के सही उच्चारण के नियम होते हैं। उदाहरण के लिए, हिंदी भाषा में 'व' के साथ 'र' का संयोजन वर्तनी का एक नियम होता है। इसी तरह, अंग्रेजी भाषा में समान शब्दों के लिए अलग-अलग उच्चारण होता है, जैसे 'read' और 'red'।

  2. वर्तनी की स्थिरता: वर्तनी की स्थिरता का पालन किया जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, अंग्रेजी भाषा में 'receive' और 'believe' जैसे शब्दों में 'ei' का समान उच्चारण होता है।

  3. अक्षरों की कमी के समय वर्तनी: जब अक्षरों की कमी होती है, तब वर्तनी में कुछ बदलाव हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, संस्कृत भाषा में 'अ' और 'आ' का उच्चारण समान होता है, लेकिन अक्षरों की कमी के कारण, इसे अंग्रेजी भाषा में 'uh' के स

संज्ञा, विशेषण, क्रिया आदि के अंत में वर्तनी के नियम: कुछ भाषाओं में संज्ञा, विशेषण और क्रिया आदि के अंत में वर्तनी के नियम होते हैं। उदाहरण के लिए, जब हिंदी भाषा में 'द' और 'त' अंत में आते हैं, तो 'द' को 'ड़' में बदल दिया जाता है और 'त' को 'ट' में बदल दिया जाता है।

  1. उच्चारण की वर्तनी: कुछ भाषाओं में उच्चारण की वर्तनी होती है। इसमें शब्द के अक्षरों के उच्चारण के अनुसार वर्तनी किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, फ्रेंच भाषा में 'parler' (बोलना) के अंत में 'er' का उच्चारण 'ए' के समान होता है।

  2. व्यंजन वर्णों की जोड़ी की वर्तनी: कुछ भाषाओं में दो व्यंजन वर्णों को जोड़कर एक संयुक्त व्यंजन बनाया जाता है। इस वर्तनी को सही ढंग से करने के लिए नियम होते हैं। उदाहरण के लिए, हिंदी भाषा में 'ज्ञ' जैसे संयुक्त व्यंजन की वर्तनी होती है। इन सभी नियमों का पालन करना भाषा के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है

प्रश्न 3: हिंदी की प्रयुक्तियों और प्रयोजनमूलक हिंदी पर पाने विचार व्यक्त कीजिये 

हिंदी भाषा भारत की राजभाषा है और इसे देश भर में बोला जाता है। हिंदी का उपयोग भारत की अनेक राज्यों में होता है जहां लोग इसे अपनी मूल भाषा के रूप में बोलते हैं। यह भाषा भारत के संविधान में आधिकारिक तौर पर अंग्रेजी के साथ द्वितीय राजभाषा के रूप में भी उल्लेख की गई है।

हिंदी का उपयोग संचार के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। हिंदी भाषा में संचार करना भारत में जनसाधारण के बीच ज्ञान और जानकारी को आसानी से साझा करने में मदद करता है।

हिंदी भाषा के उपयोग से न केवल संचार की समस्याओं का समाधान होता है बल्कि इससे भारत की विभिन्न क्षेत्रों के बीच एक संगठित संचार भी सुनिश्चित होता है। हिंदी भाषा के माध्यम से भारत में एकता और समानता की भावना को व्यक्त किया जा सकता है।

इसके अलावा, हिंदी भाषा का उपयोग स्थानीय भाषाओं की संरक्षण और उन्हें संरक्षित रखने में भी मदद करता है।

प्रश्न 4: निम्नलिखित विषयों पर टिपण्णी लिखिए :

(क) विज्ञापन के क्षेत्र में हिंदी

विज्ञापन हमारी आधुनिक जीवनशैली का एक अहम हिस्सा है और इसमें हिंदी भाषा का भी बहुत महत्व है। हिंदी भाषा का उपयोग विज्ञापन के क्षेत्र में एक आवश्यकता है क्योंकि विज्ञापन उत्पादों या सेवाओं को बेचने के लिए जनता को प्रभावित करता है।

हिंदी भाषा का उपयोग विज्ञापनों को स्थानीय बाजार में प्रभावी बनाने में मदद करता है। एक स्थानीय व्यवसाय अपने उत्पादों या सेवाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना चाहता है ताकि वह अपनी बिक्री को बढ़ा सके। हिंदी भाषा का उपयोग करके व्यवसाय अपने उत्पादों या सेवाओं के विशेषताओं और फायदों को आसानी से संदर्भित कर सकता है और स्थानीय बाजार में अपने उत्पादों की बिक्री को बढ़ा सकता है।

(ख) वैज्ञानिक और तकनिकी हिंदी

वैज्ञानिक और तकनीकी हिंदी एक ऐसी शाखा है जो वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दों का हिंदी में अनुवाद करती है। यह शाखा भारतीय समुदाय में तकनीकी ज्ञान को समझाने और समान रूप से उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

वैज्ञानिक और तकनीकी हिंदी भाषा में नए और विशेष शब्दों को विकसित करती है जो वैज्ञानिक और तकनीकी विषयों के लिए अनुचित होते हैं। इसके लिए, इस शाखा में शब्दावली, व्याकरण, बोली एवं लेखन इत्यादि की विस्तृत अध्ययन किया जाता है।

वैज्ञानिक और तकनीकी हिंदी के उदाहरणों में संगणक, इंटरनेट, विद्युत उपकरण, उच्च ऊर्जा अणु, खनिज, औद्योगिक उत्पाद, बॉटेक्स आदि शामिल हैं।

प्रश्न 5: बैंकों के प्रयुक्त hindi पर प्रकाश डालिए

बैंकों में हिंदी का उपयोग आधिकांश जगहों पर किया जाता है। कुछ उदाहरण हैं:

  1. बैंकिंग कार्यालयों के नाम हिंदी में होते हैं। जैसे कि "बैंक ऑफ बड़ौदा", "स्टेट बैंक ऑफ इंडिया", "पंजाब नेशनल बैंक" आदि।

  2. बैंक के पासबुक में भी हिंदी भाषा में जानकारी दी जाती है।

  3. बैंक में व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए हिंदी में व्याख्यान और संवाद का विकल्प भी उपलब्ध होता है।

  4. ऑनलाइन बैंकिंग के दौरान भी हिंदी भाषा का उपयोग किया जाता है। आधिकारिक वेबसाइट भी हिंदी में उपलब्ध होती है।

  5. बैंकों के लिए बनाए गए फॉर्म, पंजीकरण पत्र और अन्य दस्तावेज भी हिंदी में उपलब्ध होते हैं।

  6. बैंक कर्मचारी हिंदी में संवाद करते हैं और उनकी ट्रेनिंग भी हिंदी भाषा में दी जाती है।

प्रश्न 6: वानिज्ये के क्षेत्र में हिंदी प्रयोग की संभावनाओं पर अपने विचार व्यक्त कीजिये 

वाणिज्य क्षेत्र में हिंदी का प्रयोग अभी भी बहुत कम होता है। लेकिन हाल के वर्षों में, हमारे देश में नए उद्यमियों की तेजी से बढ़ती हुई संख्या के साथ, हिंदी के प्रयोग में भी वृद्धि हुई है। वाणिज्य क्षेत्र में हिंदी के प्रयोग से कुछ संभावित लाभ निम्नलिखित हो सकते हैं:

  1. बढ़ती उद्यमिता के साथ हिंदी के प्रयोग से बढ़ते हुए बाजार और उद्योग संबंधी दस्तावेजों में हिंदी भाषा का प्रयोग किया जा सकता है। इससे दस्तावेजों की समझदारी बढ़ सकती है और अधिक से अधिक लोगों को इन्हें समझने में आसानी होगी।

  2. हिंदी में निर्मित उत्पादों का बाजार भी बढ़ता जा रहा है। यह नई विपणन अवसरों का सृजन करता है जो हिंदी भाषा का प्रयोग करते हुए उत्पादों को अधिक उपलब्ध कराते हैं।

  3. हिंदी भाषा के उपयोग से उद्योग और बाजार के अन्य क्षेत्रों में बढ़ती हुई उद्यमिता के साथ देश में नए उद्योगों और उद्यमों के स्थ

प्रश्न 7: निबंध रचना के नियमों के आधार पर भारतीय संस्कृति विषय पर निबंध लिखिए 

निबंध लेखन भाषा का एक महत्वपूर्ण शैली है, जो आपको विषय के बारे में विस्तार से सोचने और उसे स्पष्ट तरीके से व्यक्त करने की समर्थता प्रदान करता है। इसलिए, निबंध लेखन एक अधिकृत तरीका होता है जिसमें आपको स्पष्टता, सुसंगत वाक्य संरचना और सही व्याकरण के उपयोग के माध्यम से अपनी विचारधारा का विस्तार करना होता है।

भारतीय संस्कृति एक विस्तृत विषय है, जो भारत के विभिन्न क्षेत्रों में उत्पन्न भाषाओं, धर्मों, जातियों और संस्कृतियों का एक समन्वय है। इस संबंध में, भारतीय संस्कृति विषय पर निबंध लिखते समय, आपको इस संस्कृति के अध्ययन में उपलब्ध विभिन्न आयामों, जैसे भारतीय विचारधारा, धर्म, भाषा, लोक नृत्य, संगीत, कला, इतिहास, अर्थशास्त्र और ज्योतिष को ध्यान में रखना होगा

भारतीय संस्कृति का मौलिक अंग समाज में सदाचार और नैतिकता की प्रतिष्ठा है। हमारी संस्कृति का मूल मंत्र "वसुधैव कुटुंबकम" है जिसका अर्थ है कि समस्त मानव एक परिवार के सदस्य हैं। इसका मतलब है कि हमें अन्य लोगों का सम्मान करना चाहिए और समाज में स्वस्थ और स्थायी संबंधों को बनाए रखना चाहिए।

हमारी संस्कृति का अन्य महत्वपूर्ण अंग भारतीय दर्शन हैं। हमारे दर्शन जीवन जीने के सही तरीके के बारे में सबक सिखाते हैं। ये दर्शन बुद्धिमता, अनुशासन, सदभाव, विचारशीलता, सहिष्णुता, उदारता, धैर्य और आध्यात्मिकता की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भारतीय संस्कृति का एक और महत्वपूर्ण अंग है भारतीय कला और संस्कृति। हमारी कला और संस्कृति अत्यंत विस्तृत हैं और विविधताओं से भरी हुई हैं। हमारी कला विविध रूपों में व्यक्त होती है जैसे कि वास्तुकला, संगीत, नृत्य और चित्रकला।


प्रश्न 8: निम्नलिखित पारिभाषिक शब्दों के अर्थ स्पष्ट कीजिये 

(क) अव्यय 
(ख) विशेषण
(ग) पारित
(घ) आयोग
(ड) उपबंध 

क) अव्यय - अव्यय एक शब्द होता है जो क्रिया, विशेषण, संज्ञा या अन्य शब्दों के अर्थ को पूर्ण करता है, उदाहरण के लिए, "बहुत", "इसलिए", "जितना"।

ख) विशेषण - विशेषण एक शब्द होता है जो संज्ञा या सर्वनाम के अर्थ को विस्तृत या विशेष बताता है, उदाहरण के लिए, "लाल फूल", "बड़ी गाड़ी", "मजबूत इच्छा"।

ग) पारित - पारित एक शब्द होता है जो क्रिया के अनुपसर्ग के रूप में काम करता है और क्रिया का अर्थ पूर्ण करता है, उदाहरण के लिए, "उठाओ", "जा रहा हूँ", "बैठ गया"।

घ) आयोग - आयोग एक संगठन होता है जो सामाजिक, राजनीतिक या अर्थव्यवस्था से सम्बंधित मुद्दों पर निर्णय लेने के लिए गठित किया जाता है, उदाहरण के लिए, "लोक आयोग", "मानव अधिकार आयोग", "आयोग की रिपोर्ट"।

ड) उपबंध - उपबंध एक संज्ञा होती है जो किसी पत्र, दस्तावेज़ या रिपोर्ट में मुख्य विषय से सम्बंधित तथ्य और विवरणों

प्रश्न 9: निम्नलिखित पर टिपण्णी लिखिए 

(क) राजभाषा 

राजभाषा हमारे देश भारत की आधिकारिक भाषा है। यह भारत सरकार द्वारा अपनाई गई आधिकारिक भाषाओं में से एक है जो संविधान के अनुच्छेद 343 में उल्लिखित है। राजभाषा के रूप में हिंदी का चयन किया गया है।

राजभाषा की गुणवत्ता और प्रभाव के लिए सरकार ने राजभाषा न्यास (Rajbhasha Niyam) को बनाया है, जो सरकारी काम के लिए हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देता है। सभी सरकारी विभागों को अपनी आधिकारिक कार्य भाषा के रूप में हिंदी का उपयोग करना होता है। इसके अलावा, सरकार द्वारा राजभाषा की सुरक्षा और संरक्षण के लिए भी कई नीतियां बनाई गई हैं।

(ख) संपर्क भाषा 

संपर्क भाषा एक ऐसी भाषा होती है जो दो व्यक्तियों या समूहों के बीच संचार के लिए उपयोग की जाती है। इसे संचार के लिए उपयुक्त भाषा भी कहा जाता है। संपर्क भाषा में संवाद के लिए उपयोग किए जाने वाले शब्द और वाक्यांश सामान्य रूप से सरल होते हैं जिससे दोनों संवादक अपने विचारों को स्पष्ट रूप से संवेदित कर सकते हैं।

प्रश्न 10: निम्नलिखित पर टिपण्णी लिखिए 

(क) विज्ञापन के क्षेत्र में हिंदी

विज्ञापन एक ऐसा क्षेत्र है जो उत्पादों या सेवाओं को बेचने या प्रमोट करने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग करता है। हिंदी भाषा विज्ञापन क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण है और इसका उपयोग विभिन्न माध्यमों जैसे टीवी, रेडियो, अखबार, मैगजीन, इंटरनेट, सोशल मीडिया आदि में किया जाता है।

(ख) वैज्ञानिक और तकनीकी हिंदी

वैज्ञानिक और तकनीकी हिंदी विशेष रूप से वह भाषा है जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इस्तेमाल की जाती है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण होती है जो वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े होते हैं, जैसे कि इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक, फार्मासिस्ट आदि।




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